नई दिल्ली2 दिन पहले

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  • जिन यात्रियों का टिकट का पैसा तत्काल वापस नहीं होगा उन्हें 0.5% के हिसाब से ब्याज दिया जाएगा
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बताने को कहा कि यात्रियों को सीधे भुगतान किस तरह से किया जा सकता है

लॉकडाउन के कारण 25 मार्च से 25 मई तक सभी घरेलू उड़ानें बंद रहीं। ऐसे में अगर इस दौरान आपने भी टिकट बुक कराया था तो अब आपको एयरलाइन कैंसिलेशन पर ब्याज सहित रिफंड करेगी। दरअसल, बुधवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से यह पूछ सकती है कि वह यात्रियों के टिकट पर रिफंड में देरी पर आधा प्रतिशत का ब्याज दें। यह जानकारी सरकार ने उस मामले में दी है जिसमें सुप्रीम कोर्ट में फ्लाइट टिकट के कैंसिल पर पूरा पैसा वापस देने की मांग की गई है। सु्प्रीम कोर्ट ने एयरलाइन रिफंड मामले में कहा कि जिन यात्रियों का टिकट का पैसा तत्काल वापस नहीं होगा उन्हें 0.5% के हिसाब से ब्याज दिया जाएगा।

25 सितंबर को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बताने को कहा कि यात्रियों को सीधे भुगतान किस तरह से किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की 25 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त हलफनामा कल तक दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सभी यात्रियों को तत्काल रिफंड मुहैया कराया जाए। यात्रियों को मौजूदा कानून के तहत सेवा नहीं मुहैया कराने कि स्थिति में भुगतान मिलना चाहिए। मोरेटोरियम में कर्ज लेने वालों को ब्याज देना है और उनकी किश्तों को बढ़ाया गया है। रहा सवाल क्रेडिट शेयर मिलने का वह ट्रेवल एजेंट को मिलेगा, यात्रियों को नहीं।

कंपनियां क्रेडिट शेल ऑफर चला रही थीं

बता दें कि इससे पहले नाग​र विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) कह चुका है कि देशव्यापी लॉकडाउन के बीच बुक सभी फ्लाइट टिकटों का पूरा पैसा यात्रियों को वापस कर दिया जाएगा। इंडिगो, विस्तारा समेत अन्य एयरलाइंस कंपनियां ग्राहकों को उनके टिकट रिफंड के बदले क्रेडिट शेल का ऑफर का ऐलान किया था। इस ऑफर के तहत यात्री को एक तय समय में यात्रा करने की सुविधा दी जाती है। इस पर डीजीसीए ने कहा था कि ग्राहकों की मर्जी के बिना ही क्रेडिट शेल बना देना नियमों के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में कहा गया था कि कुछ पैसेंजर्स एक तय समय के अंदर क्रेडिट शेल इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्हें पूरा रिफंड दिया जाना चाहिए।

घट रहा एयरलाइन्स का मुनाफा

वकील दतार अरविंद ने कहा कि सरकार के निर्देश पर सिर्फ 30-40% एयरलाइंस ही काम कर रही है, केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि यह यात्रियों कि सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने निर्णय लिया था। विस्तारा के वकील ने कहा कि रिफंड के लिए मौजूदा समय फोर्स किया जाना ठीक नहीं है, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी। गो इंडिया के वकील ने कहा मार्च से पहले हमको 700 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था जो अब सिर्फ 104 करोड़ है। इंडिगो एयरलाइन के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जिन्होंने भी टिकट बुक करायी थी। सभी का पैसा लौटाने का निर्देश सरकार ने दिया है।

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By Raj

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