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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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  • डीजीसीए को क्रेडिट सेल के माध्यम से यात्रियों के टिकट रिफंड के प्रस्ताव को मंजूरी
  • मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, आर एस रेड्‌डी और एम आर शाह की बेंच ने की।

सुप्रीम कोर्ट ने डीजीसीए के क्रेडिट शेल माध्यम से यात्रियों के टिकट रिफंड के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर लॉकडाउन के दौरान यात्रा का टिकट था तो यात्रियों को एयरलाइन कंपनियां तुरंत रिफंड करें। इसके अलावा अगर यात्रियों ने लॉकडाउन के बाद की यात्रा के लिए टिकट कैंसिल कराया है तो उसका भी पैसा तीन हफ्ते के भीतर वापस करना होगा।

डीजीसीए के प्रस्ताव को मंजूरी

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस अशोक भूषण, आर एस रेड्‌डी और एम आर शाह ने की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि एयरलाइन कंपनियों को इन ​कैंसिल टिकट का पूरा पैसा वापस करना होगा। इसके लिए एयरलाइंस कोई भी कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगा सकती है। कोर्ट ने डीजीसीए के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। जिसमें कहा गया था कि टिकट अगर एजेंट ने बेचा है तो एयर टिकट के लिए रिफंड शेल भी एजेंट के माध्यम से ही इस्तेमाल होना चाहिए।

क्रेडिट शेल पर क्या कहा कोर्ट ने?
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि क्रेडिट शेल ट्रांसफरेबल होगा और ब्याज क्रेडिट शेल में जमा होगा, जो 30 जून तक कैंसिलेशन पर 0.5 प्रतिशत और उसके बाद 31 मार्च, 2021 तक 0.75 प्रतिशत होगा। क्रेडिट शेल एक प्रकार का क्रेडिट नोट है, जो कैंसिल पीएनआर (PNR) का उपयोग भविष्य में टिकट बुकिंग के लिए किया जाता है।

क्या है मामला

दरअसल लॉकडाउन के दौरान 25 मार्च से 24 मई, 2020 के बीच यात्रियों ने यात्रा के लिए फ्लाइट टिकट बुक कराया था, लेकिन जब फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया तो यात्रियों ने फ्लाइट टिकट कैंसिल करा लिया। उसके बाद यात्रियों ने एयरलाइंस से रिफंड की मांग की, लेकिन एयरलाइन कंपनियां रिफंड करने पर आनाकानी करने लगीं और पैसे रिफंड करने के एवज में क्रेडिट शेल यानी कैंसिल हुए टिकट की रकम में टिकट देने का ऑफर देने लगी।



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By Raj

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