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नई दिल्ली13 घंटे पहले

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एटीएस ग्रुप के चेयरमैन गीतांबर आनंद का कहना है कि मांग गिरने के कारण यह इंडस्ट्री वर्किंग कैपिटल की चुनौती से जूझ रही है।

  • लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ब्याज पर ब्याज माफ की जाए
  • मोरेटोरियम को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाकर सामान्य ब्याज वसूले आरबीआई

कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण रियल एस्टेट सेक्टर भारी संकट से जूझ रहा है। साथ ही क्रेडाई ने सरकार से नकदी संकट का सामना कर रहे डेवलपर्स की लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए वित्तीय उपायों की मांग की। देश भर के 20 हजार से ज्यादा बिल्डर्स की संस्था क्रेडाई ने ब्याज माफी और मोरेटोरियम को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने के रूप में वित्तीय मदद देने की मांग की है।

सरकार ने जल्द मदद ना की तो छंटनी बढ़ेगी

क्रेडाई का कहना है कि यदि सरकार मदद में देरी करती है तो नौकरियां पर छंटनी का डर रहेगा। साथ ही होमबायर्स को प्रोजेक्ट की डिलिवरी में देरी होगी। क्रेडाई के पूर्व चेयरमैन इरफान रजाक का कहना है कि कैश फ्लो के मुद्दे को लेकर यह इंडस्ट्री भारी दर्द से जूझ रही है। इस सेक्टर को थोड़ी सी सहानुभूति और उद्योग को समर्थन देने की जरूरत है। प्रेस्टीज ग्रुप के सीएमडी रजाक का कहना है कि इंडस्ट्री लोन माफी की मांग नहीं कर रही है। लेकिन ब्याज और ब्याज पर ब्याज में राहत की जरूरत है। इससे डेवलपर्स लॉकडाउन अवधि में हुए नुकसान की थोड़ी सी भरपाई कर सकते हैं।

रियल एस्टेट इंडस्ट्री के सर्वाइवल के लिए दयालु व्यू रखे सरकार

रजाक ने सरकार से आग्रह किया कि वह रियल एस्टेट इंडस्ट्री के प्रति दयालु व्यू अपनाए। यह इंडस्ट्री बड़ी संख्या में व्हाइट कॉलर जॉब और श्रमिकों को रोजगार देती है। क्रेडाई के महाराष्ट्र चैप्टर ने मोराटोरियम अवधि के टर्म लोन के ब्याज और ब्याज पर ब्याज की माफी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। क्रेडाई महाराष्ट्र ने सुझाव दिया है कि रियल एस्टेट सेक्टर्स से जुड़े जिन कर्जदारों के बैंक खाते फरवरी अंत तक एनपीए घोषित नहीं हुए हैं, उनकी मार्च-अगस्त 2020 अवधि की ब्याज और ब्याज पर ब्याज माफ की जाए।

मार्च तक बढ़ाई जाए मोरेटोरियम अवधि

क्रेडाई महाराष्ट्र ने मांग रखी है कि आरबीआई को मोरेटोरियम अवधि मार्च 2021 तक बढ़ानी चाहिए। इस बढ़ाई हुई अवधि में सामान्य ब्याज दर वसूली जाए। यह ब्याज दर बैंकों की ओर से जमा पर दी जा रही ब्याज दर के समान हो। एटीएस ग्रुप के चेयरमैन और क्रेडाई के पूर्व चेयरमैन गीतांबर आनंद का कहना है कि आरबीआई की ओर से घोषित की गई लोन री-स्ट्रक्चरिंग योजना से कई लोग लाभान्वित नहीं होंगे। उन्होंने मांग रखी कि इस साल 1 मार्च तक एनपीए घोषित ना होने वाले सभी प्रकार के लोन खातों की री-स्ट्रक्चरिंग की जाए। गीतांबर आनंद ने कहा कि मांग गिरने के कारण यह इंडस्ट्री वर्किंग कैपिटल की चुनौती से जूझ रही है।



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By Raj

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