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  • Taxes On Petrol, Diesel May Go Up Further To Mobilise Additional Revenue For Covid Relief

नई दिल्ली18 मिनट पहले

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पिछले करीब 1 महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।

  • प्रोत्साहन पैकेज के लिए फंड जुटाने के मकसद से हो सकती है बढ़ोतरी
  • बकाया वित्त वर्ष में सरकार को मिल सकते हैं 30 हजार करोड़ रुपए
  • पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर

कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से रेवेन्यू पर दबाव बन गया है। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। हालांकि, सरकार इस बोझ को उपभोक्ताओं पर नहीं डालना चाहती है।

3 से 6 रुपए प्रति लीटर तक की हो सकती है बढ़ोतरी

सूत्र का कहना है कि कोरोना के प्रभावों से निपटने के लिए सरकार अतिरिक्त आर्थिक पैकेज लाने जा रही है। इसके लिए सरकार को वित्त जुटाने के लिए ज्यादा से ज्यादा रिसोर्सेज की आवश्यकता है। इसलिए सरकार पेट्रोल और डीजल पर 3 से 6 रुपए प्रति लीटर तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है।

30 हजार करोड़ रुपए जुटने की उम्मीद

एक्साइज ड्यूटी में जो बढ़ोतरी होने जा रही है, उससे सरकार को पूरे वित्त वर्ष में 60 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं। ऐसे में बकाया वित्त वर्ष में 30 हजार करोड़ रुपए जुटने की उम्मीद है। सूत्र ने संकेत दिया कि इन दोनों उत्पादों पर ड्यूटी स्ट्रक्चर का परीक्षण चल रहा है और अंतिम फैसला जल्द हो जाएगा। सूत्र का कहना है कि सरकार चाहती है कि पेट्रोल-डीजल पर ड्यूटी में बढ़ोतरी से इन दोनों उत्पादों की रिटेल कीमत ना बढ़े। उपभोक्ता के लिहाज से पेट्रोल-डीजल की रिटेल बिक्री कीमत में बढ़ोतरी अच्छी नहीं है। इस महंगाई से अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का सही समय

एक्सपर्ट का कहना है कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का यह सही समय है। इसका कारण यह है कि पिछले करीब 1 महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर पिछले एक महीने से क्रूड की कीमतें भी गिरकर 40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। एक महीने पहले क्रूड की कीमत 45 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई थीं।

एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के लिए संसद से मिल चुकी है मंजूरी

सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के लिए इसी साल मार्च में संसद से मंजूरी ली थी। इसके तहत सरकार पेट्रोल पर 18 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 12 रुपए प्रति लीटर तक की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है। इसी साल मई में सरकार ने पेट्रोल पर 12 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 9 रुपए प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। इस बढ़ोतरी के बाद सरकार के पास पेट्रोल पर 6 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर 3 रुपए बढ़ाने की गुंजाइश बाकी है। अब इसी विकल्प पर विचार हो रहा है।

उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर

एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी का उपभोक्ताओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा या फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी होगी। क्रूड ऑयल की कम कीमत के कारण पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, यदि यह बढ़ोतरी होती है तो दोनों उत्पादों पर विश्व में सबसे ज्यादा टैक्स होगा। अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 70 फीसदी राशि टैक्स की होती है। बढ़ोतरी के बाद यह राशि 75 से 80 फीसदी तक पहुंच जाएगी। सरकार के इस कदम से तेल विपणन कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा।



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By Raj

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