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नई दिल्ली18 दिन पहले

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निर्यात घटने और आयात बढ़ने से देश का व्यापार घाटा बढ़कर 15.71 अरब डॉलर पर पहुंचा - Dainik Bhaskar

निर्यात घटने और आयात बढ़ने से देश का व्यापार घाटा बढ़कर 15.71 अरब डॉलर पर पहुंचा

  • दिसंबर 2020 में निर्यात 0.8% गिरावट के साथ 26.89 अरब डॉलर रहा
  • पिछले महीने आयात 7.6% बढ़ोतरी के साथ 42.6 अरब डॉलर रहा

देश के वस्तु निर्यात में लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर 2020 में यह 0.8 फीसदी गिरावट के साथ 26.89 अरब डॉलर रहा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पेट्रोलियम, लेदर और मेराइन प्रॉडक्ट्स का निर्यात घटने से कुल निर्यात घटा है। खास बात यह है कि ज्यादा रोजगार देने वाले टेक्सटाइल्स व लेदर सेक्टर्स में 15% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निर्यात घटने और आयात बढ़ने से दिसंबर में देश का व्यापार घाटा (ट्रेड डिफिसिट) बढ़कर 15.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने आयात 7.6 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 42.6 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले यानी, दिसंबर 2019 में देश से 27.11 अरब डॉलर का निर्यात और 39.5 अरब डॉलर का आयात हुआ था। नवंबर 2020 में देश के निर्यात में 8.74 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

एक साल में 25.78% बढ़ा ट्रेड डिफिसिट

मंत्रालय ने कहा कि एक साल में व्यापार घाटा 25.78% बढ़ा है। दिसंबर 2020 में देश का व्यापार घाटा 15.71 अरब डॉलर का रहा, जो दिसंबर 2019 में 12.49 अरब डॉलर था। निर्यात के मुकाबले जितने वैल्यू का ज्यादा आयात होता है, उसे देश का व्यापार घाटा कहा जाता है।

पहले 9 महीने में निर्यात 15.8% घटा जबकि आयात 29.08% गिरा

इस कारोबारी साल के पहले 9 महीने (अप्रैल-दिसंबर) में देश का कुल वस्तु निर्यात 15.8 फीसदी घटकर 200.55 अरब डॉलर का रहा। पिछले कारोबारी साल की समान अवधि (अप्रैल-दिसंबर 2019) में भारत से 238.27 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था। आयात इस कारोबारी साल के पहले नौ महीने में 29.08 फीसदी गिरावट के साथ 258.29 अरब डॉलर का रहा, जो अप्रैल-दिसंबर 2019 में 364.18 अरब डॉलर पर था।

पेट्रोलियम आयात 10.37% घटा

दिसंबर 2020 में देश का तेल आयात 10.37 फीसदी गिरावट के साथ 9.61 अरब डॉलर का रहा। अप्रैल-दिसंबर 2020 अवधि में तेल आयात 44.46 फीसदी घटकर 53.71 अरब डॉलर का रहा। भारत अपनी 84 फीसदी तेल जरूरतों की पूर्ति आयात से करता है, जिसपर काफी धन खर्च होता है। इसके कारण देश का वित्तीय घाटा भी बढ़ता है। सरकार तेल आयात को कम करना चाहती है।

दिसंबर 2020 में विभिन्न कमॉडिटीज का निर्यात परफॉर्मेंस

कमॉडिटीज

निर्यात परफार्मेंस

बढ़ोतरी (+)/ गिरावट (-)

कार्पेट +21.12%
फार्मास्यूटिकल्स +17.44%
मसाले +17.06%
चावल +8.60%
रत्न व आभूषण +6.75%
चाय +4.47%
मैनमेड यार्न/फैब्रिक्स/मेडअप्स -14.61%
सभी टेक्सटाइल्स के रेडीमेड गारमेंट्स -15.07%
लेदर & लेदर मैन्यूफैक्चर्स -17.74%

पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स

-40.47%

दिसंबर 2020 में विभिन्न कमॉडिटीज का आयात परफॉर्मेंस

कमॉडिटीज

आयात परफार्मेंस

बढ़ोतरी (+)

दालें +245.15%
गोल्ड +81.82%
वेजिटेबल ऑयल +43.50%
केमिकल्स +23.30%
इलेक्ट्रॉनिक गुड्स +20.90%
मशीन टूल्स +13.46%
मोती, प्रीसियस व सेमी प्रीसियस स्टोंस +7.81%

फर्टिलाइजर्स

+1.42%

दिसंबर 2020 में चांदी, न्यूजप्रिंट, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट, कॉटन रॉ & वेस्ट, कोयला, कोक और ब्रिकेट्स के आयात में गिरावट आई।

महामारी के असर से बाहर निकल रहा है एक्सपोर्ट सेक्टर

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के प्रेसिडेंट शरद कुमार सराफ ने कहा कि दिसंबर का एक्सपोर्ट सकारात्मक दायरे की तरफ बढ़ा है। यह धीरे-धीरे महामारी के असर से बाहर निकल रहा है। नया साल आशा की नई किरण लेकर आया है। क्योंकि उम्मीद की जा रही है कि कोरोनावारयस की प्रभाावी वैक्सीन आ जाने के कारण जन-जीवन और वैश्विक अर्थव्यवस्था फिर से पटर पर लौट आएगी।



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By Raj

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