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नई दिल्ली17 मिनट पहले

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सिंगापुर के फंड हाउस ने भारत की रेटिंग को मार्केटवेट से बढ़ाकर ओवरवेट किया - Dainik Bhaskar

सिंगापुर के फंड हाउस ने भारत की रेटिंग को मार्केटवेट से बढ़ाकर ओवरवेट किया

  • इस साल भारत की GDP में 9% का ग्रोथ हो सकता है
  • 2022 में GDP की विकास दर 7% रह सकती है

सिंगापुर के फंड हाउस बैंक जुलियस बेयर ने भारत की रेटिंग को मार्केटवेट से बढ़ाकर ओवरवेट कर दिया। फंड हाउस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस साल (2021 में) भारत सबसे तेज विकास दर वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारत का शेयर बाजार मौजूदा स्तर से 15% और ऊपर जा सकता है। उसने सेंसेक्स के लिए 58,450 का टार्गेट दिया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक रिकवरी हो रही है। इस साल भारत की GDP में पिछले साल के मुकाबले 9% की बढ़ोतरी हो सकती है। 2022 में GDP की विकास दर 7% रह सकती है। अगले 3 साल तक अर्निंग पर शेयर में औसत 25% से ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। यदि ऐसी तेज विकास दर के माहौल में भी यदि शेयर बाजार गिरता है, तो यह अभूतपूर्व घटना होगी।

हर्ड इम्युनिटी के कारण कोरोना संक्रमण के नए मामले घट गए हैं

वैज्ञानिकों के मुताबिक देश के अधिकांश हिस्से में हर्ड इम्युनिटी तैयार हो गई है। शायद इसी वजह से कोरोना संक्रमण के रोज के नए मामले सितंबर के करीब 1 लाख से घटकर अभी 15,000 से भी कम पर आ गए हैं। जहां कोरोना महामारी का ज्यादा जोर है, वहां अभी लॉकडाउन चल रहा है। इसके बावजूद पिछले साल मार्च से जुलाई तक के लॉकडाउन के बाद शुरू हुई रिकवरी लगातार जारी है। उदाहरण के लिए एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों में यात्रा का स्तर कोरोना से पहले वाले लेवल पर पहुंच गया है।

LIC और BPCL के विनिवेश से ही वित्तीय घाटा काबू में आ जाएगा

464 अरब डॉलर के असेट वाली देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (IPO) अक्टूबर 2022 के बाद आने की उम्मीद है। अकेले इसी कंपनी के विनिवेश से सरकार वित्तीय हालत को नियंत्रित रख सकती है। बजट में सरकारी उपक्रमों के बेकार या गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों (खासकर जमीन) को बेचने के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल बनाने की बात कही गई है। इनमें से अधिकतर जमीन अच्छी जगहों पर हैं, जिनसे फायदा निकाला जा सकता है। आर्थिक विकास में भी इसका लाभ मिलेगा। LIC और BPCL के विनिवेश से सरकार इस कारोबारी साल में खर्च घटाए बिना भी वित्तीय घाटे को काबू में रख सकती है।

भारतीय बाजार अन्य देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में

2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के अपवाद को छोड़ दिया जाए, तो हाल के इतिहास में भारतीय शेयर बाजार ने उभरते बाजारों के मुकाबले हमेशा प्रीमियम पर ट्रेड किया है। 40% का मौजूदा प्रीमियम लंबी अवधि के औसत के लगभग आसपास है।

ओवरवेट और मार्केटवेट क्या होता है

ओवरवेट का मतलब यह है कि विश्लेषक की नजर में बाजार या शेयर का प्रदर्शन संबंधित इंडेक्स या मानक से बेहतर रह सकता है। भारतीय बाजार के संदर्भ में इसका मतलब यह होगा कि सेंसेक्स में समकक्ष अर्थव्यवस्थाओं के शेयर इंडेक्स से ज्यादा उछाल आएगा। मार्केटवेट का मतलब यह है कि बाजार का प्रदर्शन विश्लेषकों द्वारा पहले जताई गई उम्मीद के अनुरूप ही रह सकता है।

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By Raj

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