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नई दिल्ली24 मिनट पहले

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चौथे सेरावीक इंडिया एनर्जी फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऊर्जा की उपलब्धता निश्चित रूप से किफायती और भरोसेमंद होनी चाहिए

  • मोदी ने 2025 तक रिफाइनिंग क्षमता को सालाना करीब 25 करोड़ टन से बढ़ाकर 40 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य दिया
  • 2022 तक रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉल्ड कैपिसिटी के 175 गीगाबाइट लक्ष्य को 2030 तक 450 गीगाबाइट तक पहुंचाने की भी बात कही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ग्लोबल ऑयल एंड गैस सप्लायर्स को रिस्पांसिबल प्राइसिंग अपनाने और पारदर्शी व लचीले बाजार की तरफ बढ़ने की अपील की और कहा कि भारत एनर्जी कंजप्शन को दिशा देगा। सेरावीक के चौथे इंडिया एनर्जी फोरम में उन्होंने कहा कि देश की रिफाइनिंग क्षमता को दोगुना करने का भी लक्ष्य रखा। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 175 गीगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य हासिल करने की तरफ बढ़ रहा है।

मोदी ने कहा 2025 तक हम अपनी रिफाइनिंग क्षमता को सालाना करीब 25 करोड़ टन से बढ़ाकर 40 करोड़ टन तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमने रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉल्ड कैपिसिटी को बढ़ाकर 2022 तक 175 गीगाबाइट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। अब हमने 2030 तक इसे और बढ़ाकर 450 गीगाबाइट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

भारत की एनर्जी पूरी दुनिया को एनर्जाइज करेगी

मोदी ने कहा कि इस साल के फोरम का थीम (इंडियाज एनर्जी फ्यूचर इन द वर्ल्ड ऑफ चेंज) काफी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि भारत का ऊर्जा भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित है। भारत की एनर्जी पूरी दुनिया का एनर्जाइज कर देगी।

भारत लंबे समय में ऊर्जा खपत को करीब दोगुना करेगा

उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थानों का अनुमान है कि अगले कुछ साल में ग्लोबल एनर्जी डिमांड में गिरावट आएगी। लेकिन ये एजेंसियां यह भी कहती हैं कि भारत अग्रणी ऊर्जा उपभोक्ता बनने जा रहा है। भारत लंबे समय में अपनी ऊर्जा खपत को करीब दोगुना करने जा रहा है। अभी भारत रोजाना 50 लाख बैरल तेल के बराबर ऊर्जा की खपत करता है।

भारत तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज विकास कर रहा विमानन बाजार

भारत के ऊर्जा बाजार की क्षमता दिखाते हुए उन्होंने कहा कि भारत तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेज विकास कर रहा विमानन बाजार है। घरेलू विमानन कंपनियों के विमानों की संख्या 2024 तक बढ़कर 1,200 तक पहुंच सकती है। भारत का मानना है कि ऊर्जा की उपलब्धता निश्चित रूप से किफायती और भरोसेमंद होनी चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत कार्बन उत्सर्जन कम करने की अपनी प्रतिबद्धता पर भी कायम है।

भारत के एनर्जी मैप के सात मुख्य प्रेरक

मोदी ने कहा कि भारत के एनर्जी मैप के 7 प्रमुख प्रेरक होंगे। ये हैं गैस आधारित अर्थव्यवस्थाा बनने की कोशिश तेज करना, जीवाष्म ईंधन और खासकर पेट्रोलियम और कोयले का स्वच्छ उपयोग, जैविक ईंधन का उपयोग बढ़ाने के लिए घरेलू स्रोतों पर ज्यादा भरोसा, 450 गीगावाट के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को 2030 तक हासिल करना, यातायात को डिकार्बनाइज करने के लिए बिजली का हिस्सा बढ़ाना, हाइड्रोजन जैसे नए ईंधनों की तरफ बढ़ना और पूरी एनर्जी सिस्टम में डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देना। पिछले 6 साल से जारी यह ऊर्जा नीति आगे भी ऐसी ही रहेगी।



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By Raj

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