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23 मिनट पहले

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इंडियन क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज सरकार के साथ बातचीत करने और उसके लिए बनाए जाने वाले रूल्स-रेगुलेशन के वास्ते इनपुट देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि वे सरकार को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े डेटा देने को भी तैयार हैं, लेकिन उस पर पूरी तरह बैन नहीं लगाया जाना चाहिए। यह बात देश में क्रिप्टोकरेंसी प्लेयर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले इंटरनेट एंड मोबाइल ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के वाइस प्रेसिडेंट गौरव चोपड़ा ने कही है।

बैन से खो देंगे टैलेंट, वेल्थ क्रिएशन और टैक्सेशन के मौके

चोपड़ा के मुताबिक, ‘क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाए जाने से टैलेंट, वेल्थ क्रिएशन और सरकार के हाथ से टैक्स रेवेन्यू कमाने के मौके हाथ से निकल जाएंगे। हम कंज्यूमर को चूना लगाकर रातोंरात उड़नछू हो जाने वाले ऑपरेटर्स (अगर कोई है) से बचाना चाहते हैं। इसलिए हमें एक ऐसे पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें सभी पक्षों के हित सुरक्षित रहे।’

क्रिप्टोकरेंसी के चलते देश-विदेश में बन रहे नौकरियों के मौके

IAMAI के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के चलते देश-विदेश में लीगल, कंप्लायंस, टेक, मार्केटिंग, बिजनेस डेवलपमेंट, फाइनेंस और कई क्षेत्रों में नौकरियों के मौके बन रहे हैं। क्रिप्टोकरेंसी की व्यापकता और उसमें मौजूद विविधता को देखते हुए इंडिया में उसका गवर्नेंस और रेगुलेशन जरूरी है। उससे डिजिटल इंडिया की सोच को भी बढ़ावा मिलेगा।

इंडिया में लोगों के पास एक अरब डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी

IAMAI के मुताबिक इंडिया में लगभग एक करोड़ लोगों के पास एक अरब डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी हैं। इससे जुड़ीं 300 से ज्यादा स्टार्टअप हजारों नौकरियां, अपने लिए करोड़ों डॉलर की आमदनी और सरकार के लिए टैक्स रेवेन्यू पैदा कर रही हैं। इंडिया में रोजाना 35 करोड़ से 50 करोड़ डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग भी हो रही है।

स्टार्टअप ‘प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी’ पर प्रतिबंध को लेकर चिंतित

इंडिया में वर्चुअल करेंसी के कारोबार से जुड़ी स्टार्टअप ‘प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी’ पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर चिंता जताती रही हैं। उनको डर है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021 में उन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देगी।

क्रिप्टोवर्ल्ड में एक्सपेरिमेंट के लिए फ्रेमवर्क बनाना चाहती है सरकार

हाल ही में एक टीवी चैनल से बातचीत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी स्टार्टअप की आशंकाओं को दूर करती नजर आई। उनके मुताबिक सरकार क्रिप्टोवर्ल्ड में होनेवाले हर तरह के एक्सपेरिमेंट के लिए फ्रेमवर्क बनाना चाहती है। उन्होंने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सरकार बहुत नपा-तुला कदम उठाएगी।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर विकसित देशों का सकारात्मक रुख

निशिथ देसाई एसोसिएट्स के फाउंडर निशिथ देसाई के मुताबिक, ‘क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अमेरिका, जापान और दूसरे विकसित देशों का रुख सकारात्मक है। उनके यहां उसको लेकर रेगुलेशन बनाए जा रहे हैं। उसी तरह भारत में भी संतुलित और सकारात्मक नियम-कानून बनाए जाने चाहिए। उससे कंज्यूमर के हितों की रक्षा होगी और ज्यादा स्टार्टअप ब्लॉकचेन स्पेस में आएंगी। उससे ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी, लोगों की संपत्ति बढ़ेगी और सरकार को राजस्व मिलेगा।’

इंडस्ट्री सेल्फ रेगुलेशन या फुल रेगुलेशन, सबके लिए तैयार

(IAMAI) के वाइस प्रेसिडेंट गौरव चोपड़ा ने कहा, ‘अगर सरकार क्रिप्टोकरेंसी के लिए सेल्फ रेगुलेशन या फुल रेगुलेशन वाली व्यवस्था लागू करना चाहती है तो इंडस्ट्री उसके लिए तैयार है। असल में हम रेगुलेशन की मांग कर रहे हैं और जब बनेगा तो उसका स्वागत भी करेंगे। हम चाहते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार को वैधता मिले।’

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By Raj

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