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नई दिल्लीएक महीने पहले

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देश में बिटकॉइन का सालाना ट्रेड करीब 40,000 करोड़ रुपए का है - Dainik Bhaskar

देश में बिटकॉइन का सालाना ट्रेड करीब 40,000 करोड़ रुपए का है

  • सेंट्रल इकॉनोमिक इंटेलीजेंस ब्यूरो ने बिटकॉइन ट्रेड पर GST लगाने का प्रस्ताव केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के पास भेजा है
  • CEIB ने कहा है कि बिटकॉइन को इंटैजिबल असेट्स की श्रेणी में रखा जा सकता है और इसके सभी ट्रांजेक्शन पर GST लगाया जा सकता है

सरकार बिटकॉइन ट्रेड पर 18 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगाने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है। देश में बिटकॉइन का सालाना ट्रेड करीब 40,000 करोड़ रुपए का है। वित्त मंत्रालय के एक विभाग सेंट्रल इकॉनोमिक इंटेलीजेंस ब्यूरो (CEIB) ने बिटकॉइन ट्रेड पर GST लगाने का प्रस्ताव केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के पास भेजा है।

CEIB ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि बिटकॉइन पर GST लगाने से सरकार को सालाना 7,200 करोड़ रुपए हासिल हो सकते हैं। CEIB वित्त मंत्रालय के थिंक टैंक के तौर पर काम करता है और उसने क्रिप्टोकरेंसी पर GST लगाने को लेकर एक अध्ययन किया है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने के मुताबिक CEIB ने कहा है कि बिटकॉइन को इंटैजिबल असेट्स की श्रेणी में रखा जा सकता है और इसके सभी ट्रांजेक्शन पर GST लगाया जा सकता है।

अभी क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई रेगुलेटर नहीं है और इसकी ट्रेडिंग सरकार के लिए एक चुनौती बनी हुई है

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक CEIB का सुझाव है कि क्रिप्टोकरेंसी को करेंट असेट के तौर पर देखा जा सकता है और इसकी ट्रेडिंग के दौरान मार्जिन पर GST लगाया जा सकता है। अभी क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई रेगुलेटर नहीं है। इसकी ट्रेडिंग सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, खासकर सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद, जिसमें RBI द्वारा डिजिटल करेंसी में डीलिंग को लेकर बैंक व फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन पर लगाई गई दो साल की रोक को उसने हटा दिया था। क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग का मनीलांड्रिंग में उपयोग होने और इसके कारण वैध मुद्रा का वैल्यू घटने की भी आशंका जताई जाती रही है।



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By Raj

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