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मुंबई12 घंटे पहले

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दुनियाभर में कोरोना महामारी के कारण आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रही। लेकिन इस दौरान भारतीय कंपनियों ने जमकर निवेश जुटाए। PwC इंडिया के मुताबिक 2020 में अबतक 1,268 ट्रांजेक्शन के तहत 80 बिलियन डॉलर (5.89 लाख करोड़ रुपए) की डील हुई। इसमें बड़ी हिस्सेदार रिलायंस इंडस्ट्रीज की रही। इससे पहले 2016 में 2,035 डील के तहत 63 बिलियन डॉलर का निवेश मिला था।

रिलायंस की बड़ी हिस्सेदारी

रिपोर्ट के मुताबिक टोटल डील में एक तिहाई हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा। कंपनी ने जियो प्लेटफॉर्म और रिलायंस रिटेल के जरिए भारी निवेश जुटाया। इसमें रिलायंस जियो ने FDI से 10.2 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया, जिसमें फेसबुक की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। वहीं, रिलायंस रिटेल में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) से 3.2 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ।

रिलायंस वेंचर्स और जियो प्लेटफॉर्म में भारी निवेश

फेसबुक ने जियो में 9.9% हिस्सेदारी के लिए 5.7 बिलियन डॉलर का निवेश किया। इसके अलावा गूगल ने जियो प्लेटफॉर्म में 7.7% हिस्सेदारी के लिए 4.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया। डेटा के मुताबिक देश में अप्रैल-सितंबर के दौरान कुल FDI से 30 बिलियन डॉलर का निवेश आया। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 15% अधिक है। वहीं, डोमेस्टिक डील में रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप से 3.3 बिलियन डॉलर का भुगतान कर फ्यूचर रिटेल को खरीदा। इसके तहत कंपनी को रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक और वेयरहाउस बिजनेस शामिल हैं।

रिलायंस में प्राइवेट इक्विटी फंड का निवेश

प्राइवेट इक्विटी फंड के लिहाज से भी रिलायंस सबसे आगे रहा। कंपनी को फेसबुक के अलावा एक बड़ा कंसोर्टियम फंड मिला। इसमें KKR, TPG, जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक, अन्य PE और सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने जियो में 9.8 बिलियन डॉलर का निवेश किया। यह 2020 में भारत में हुए कुल PE निवेश 15 बिलियन डॉलर का 66% हिस्सा है। बता दें कि प्राइवेट इक्विटी फंड से इस साल डील के तहत 17 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया गया। यह 2019 के 9 बिलियन डॉलर के मुकाबले लगभग दोगुना है।

अब अगर बात करें विलय और अधिग्रहण की तो इसे भी रिलायंस की सहायक कंपनियों ने लीड किया

  • जियो प्लेटफॉर्म-फेसबुक (9.9% हिस्सेदारी के लिए 5.7 बिलियन डॉलर का निवेश)
  • जियो-गूगल (7.7% हिस्सेदारी के लिए 4.5 बिलियन डॉलर का निवेश)
  • रिलायंस रिटेल- फ्यूचर इंटरप्राइजेज (टेकओवर के लिए 3.3 बिलियन डॉलर का निवेश)
  • लुमस टेक्नोलॉजी-हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स-रोने कैपिटल (2.7 बिलियन डॉलर का निवेश)

सेक्टोरल निवेश

टेलीकॉम सेक्टर इस साल सबसे अधिक निवेश जुटाने वाला सेक्टर रहा। सेक्टर ने कुल 11.2 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया। इसके बाद रिटेल सेक्टर रहा, जिसने 6.5 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया। टेलीकॉम सेक्टर और रिटेल दोनों सेक्टर निवेश जुटाने में इस साल सबसे आगे रहे। क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म और रिटेल वेंचर्स में भारी निवेश हुआ। टेक सेक्टर ने इस साल 6 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया, जिसे ऑनलाइन कंपनियों ने लीड किया। इसके अलावा फार्मा सेक्टर ने भी 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश जुटाया।

अच्छे मार्केट के कारण प्राइवेट इक्विटी द्वारा फंड निकासी पिछले पांच सालों के निचले स्तर पर रहा। इस साल 136 डील के तहत 4.2 बिलियन डॉलर की रकम निकाली गई। वैल्यू के लिहाज से इसमें 56% की गिरावट देखी गई।



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By Raj

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