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नई दिल्ली17 दिन पहले

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एक इवेंट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत ग्लोबल ग्रोथ को लीड करने को तैयार है। इसका साफ मतलब है कि सरकार अपने खर्च को बढ़ाएगी।    (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

एक इवेंट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत ग्लोबल ग्रोथ को लीड करने को तैयार है। इसका साफ मतलब है कि सरकार अपने खर्च को बढ़ाएगी। (फाइल फोटो)

देश का केंद्रीय बजट एक महीने से भी कम समय में पेश होने वाला है। सरकार ने पहले ही बता दिया है कि यह बजट एकदम अलग होगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। ऐसे में आर्थिक मामलों के जानकार 2021-22 के आम बजट को लेकर कई कयास लगा रहे हैं। अब नए अनुमान के मुताबिक सरकार बजट में कोविड-19 सरचार्ज को भी शामिल कर सकती है।

सरकार को फंड की आवश्यकता

सैमको ग्रुप को रिसर्च हेड उमेश मेहता का मानना है कि सरकार रेवेन्यू घाटा और कोरोना वैक्सीन के लिए भारी खर्च को देखते हुए कोविड-19 सरचार्ज लगा सकती है। शेयर मार्केट में 20 साल से अधिक अनुभव रखने वाले उमेश मेहता ने कहा कि यह आम बजट निवेशकों के उम्मीद से परे हो सकता है। एक मीडिया साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि सरकार को फंड की आवश्यकता है। वह पहले से ही डिसइन्वेस्टमेंट के तहत सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर फंड जुटा रही है।

भारत ग्लोबल ग्रोथ को लीड करने को तैयार

पिछले साल दिसंबर में एक इवेंट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत ग्लोबल ग्रोथ को लीड करने को तैयार है। इसका साफ मतलब है कि सरकार अपने खर्च को बढ़ाएगी। इसके लिए डिमांड और इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता होती है। ऐसे में सरकार डिमांड बढ़ाने के लिए छोटे करदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी और टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव भी कर सकती है। दूसरी ओर निवेश के लिए सरकार पहले से ही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत विदेशी निवेश को आकर्षित कर रही है।

फोकस में होगा ‘आत्मनिर्भर भारत’

सरकार ने पिछले साल ही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत 10 प्रमुख सेक्टर्स को अगले 5 सालों में करीब 2 लाख करोड़ रुपए की मदद करने का ऐलान किया। इनमें फार्मा, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट, टेक्सटाइल और फूड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस स्कीम से इन सेक्टर्स में नई नौकरियां तो निकलेंगी ही, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भी स्थिति सुधरेगी और यह वैश्विक स्तर का बनेगा। साथ ही विदेशी निवेश भी बढ़ेगा।

कैबिनेट ने पिछले साल अक्टूबर में 10 सेक्टर्स में PLI लागू करने की मंजूरी दी थी। इसके अलावा बजट में प्रवासी मजदूरों के लिए भी कुछ घोषणाएं हो सकती हैं, जो महामारी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस बार का बजट ‘आत्मनिर्भर भारत’ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।



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By Raj

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