नई दिल्ली26 मिनट पहले

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  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले वित्त मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन
  • इस स्कीम से सरकार पर करीब 6500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा

केंद्रीय कैबिनेट ने लोन मोरेटोरियम की अवधि में ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का आम आदमी तक लाभ पहुंचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसके तहत चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का भुगतान केंद्र सरकार करेगी। आज हम आपको वित्त मंत्रालय की गाइडलाइंस की जानकारी देने जा रहे हैं।

किनको मिलेगा लाभ?

  • एमएसएमई लोन
  • एजुकेशन लोन
  • हाउसिंग लोन
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन
  • क्रेडिट कार्ड ड्यू
  • ऑटो लोन
  • प्रोफेशनल्स का पर्सनल लोन
  • कंजप्शन लोन

कितनी अवधि का लाभ मिलेगा?

जिन लोगों ने 1 मार्च से 31 अगस्त 2020 के दौरान लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है। उनको इस अवधि की ब्याज पर ब्याज का भुगतान नहीं करना होगा।

कितनी राशि तक के लोन पर लाभ मिलेगा?

29 फरवरी 2020 तक जिन पर 2 करोड़ रुपए या इससे कम का लोन बकाया था, उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा। यदि किसी इंडिविजुअल पर दो करोड़ से ज्यादा का लोन है तो उनको इसका लाभ नहीं मिलेगा।

मोरेटोरियम ना लेकर ईएमआई देने वालों को कोई लाभ मिलेगा?

जिन लोगों ने मोरेटोरियम नहीं लिया है, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

क्या कॉरपोरेट को भी मिलेगा लाभ?

नहीं। ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम का लाभ केवल इंडिविजुअल और एमएसएमई लोन को मिलेगा।

कौन उठाएगा ब्याज पर ब्याज के भुगतान का बोझ?

ब्याज पर ब्याज के भुगतान का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी। इससे सरकार पर करीब 6500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।

कैसे मिलेगा लाभ?

चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का जो बोझ उपभोक्ता पर पड़ेगा, बैंक वह राशि उपभोक्ता के खाते में जमा करेंगे।

बैंकों को ब्याज का भुगतान कैसे मिलेगा?

ब्याज के अंतर को उपभोक्ता के खाते में जमा करने के बाद बैंक इस राशि के लिए केंद्र सरकार के पास दावा करेंगे।

कब से मिलेगा इस स्कीम का लाभ?

इस मामले में अब 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसी दिन इस स्कीम के लागू होने को लेकर अंतिम फैसला होगा।



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By Raj

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