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मुंबई19 दिन पहले

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वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी चोरी और फेक बिल के खिलाफ देशभर में चलाए गए अभियान के कारण भी कलेक्शन बढ़ा है। जीएसटी का यह रिकॉर्ड ऐसे समय बना है, जब कोविड-19 के कारण हालात अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं - Dainik Bhaskar

वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी चोरी और फेक बिल के खिलाफ देशभर में चलाए गए अभियान के कारण भी कलेक्शन बढ़ा है। जीएसटी का यह रिकॉर्ड ऐसे समय बना है, जब कोविड-19 के कारण हालात अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं

  • चौथी तिमाही में ग्रोथ रेट पॉजिटिव रहने का अनुमान, इससे टैक्स कलेक्शन भी बढ़ेगा

जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था खुल रही है, वैसे-वैसे इसका असर भी दिख रहा है। अगर अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी भी तेज हुई तो हर महीने गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) का कलेक्शन 1.25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। इस बात की उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि रिजर्व बैंक से लेकर दूसरी एजेंसियों तक, सबका मानना है कि जनवरी से मार्च 2020 के दौरान जीडीपी ग्रोथ पॉजिटिव रहेगी।

वैक्सीन आने का दिखेगा असर

आनंद राठी सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी कहते हैं कि हालांकि जीएसटी कलेक्शन ने कोरोना के पहले के स्तर के आंकड़े को पार कर लिया है, लेकिन अभी इसमें और बढ़ोतरी की गुंजाइश है। अर्थव्यवस्था में रिकवरी हो रही है। अभी तक इकोनॉमी पूरी तरह से खुली नहीं है, कुछ क्षेत्रों में अभी बंदिशें लगी हैं। वैक्सीन आने से चौथी तिमाही में अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी तो हर महीने का जीएसटी कलेक्शन 1.25 लाख करोड़ रुपए तक जा सकता है।

ट्रेड में रिकवरी हो रही है

ब्रोकिंग फर्म के.आर. चौकसी के एमडी देवेन चौकसी कहते हैं कि इकोनॉमी तेज हो रही है और आगे मजबूत रहेगी। स्थिति सुधरती है तो इसका असर टैक्स कलेक्शन पर दिखेगा।कारोबार ज्यादा होगा तो टैक्स ज्यादा आएगा। उनका कहना है कि सब कुछ डिजिटल होने से टैक्स की चोरी कम हुई है। दिसंबर में जीएसटी का कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का यह भी एक कारण है।

अर्थव्यवस्था लगातार सुधार की ओर

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग कहते हैं कि जीएसटी का ज्यादा कलेक्शन तो हम नवंबर से ही देख रहे हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अर्थव्यवस्था की गतिविधियों में तेजी आ रही है और यह लगातार सुधार की ओर बनी हुई है। हमारा अनुमान है कि चौथी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था (जीडीपी) की ग्रोथ पॉजिटिव रह सकती है। हालांकि मजबूत रिकवरी तो उसके बाद दिखेगी।

दिसंबर में 1.15 लाख करोड़ रहा कलेक्शन

बता दें कि आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार के कारण दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू होने के बाद यह सबसे ज्यादा है। इससे पहले का रिकॉर्ड 1.14 लाख करोड़ रुपए का था, जो अप्रैल 2019 में बना था। अक्टूबर 2020 में जीएसटी से 1 लाख 5 हजार 155 करोड़ रुपए और नवंबर में 1 लाख 4 हजार 963 करोड़ रुपए आए थे।

जीएसटी चोरी के खिलाफ अभियान का असर

वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी चोरी और फेक बिल के खिलाफ देशभर में चलाए गए अभियान के कारण भी कलेक्शन बढ़ा है। जीएसटी का यह रिकॉर्ड ऐसे समय बना है, जब कोविड-19 के कारण हालात अभी तक पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। इंडस्ट्री चैंबर सीआईआई के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, स्थिति अब सामान्य हो रही है। आयात पर टैक्स कलेक्शन बढ़ने का मतलब है कि लॉकडाउन की सुस्ती के बाद अब उद्योगों में तेजी से सुधार हो रहा है।



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By Raj

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