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4 मिनट पहले

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रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और उसकी पार्टनर ब्रिटेन की बीपी ने एशिया के सबसे गहरे तेल कुएं से प्राकृतिक गैस निकालने की शुरुआत होने का एलान किया। दोनों कंपनियों ने ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा कि पूर्वी ऑफशोर ब्लॉक में रिलायंस और बीपी जिन तीन डीप वॉटर प्रोजेक्ट को डेवलप कर रही है उसमें से पहले से गैस का उत्पादन शुरू हो गया है।

2023 तक देश की 15 पर्सेंट गैस की जरूरत पूरी हो सकती है

रिलायंस और बीपी ब्लॉक केजी 6 में तीन डीपवाटर गैस प्रोजेक्ट डेवलपल कर रही हैं, ये हैं: आर क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे। बताया जाता है कि इनसे 2023 तक देश की लगभग 15 पर्सेंट गैस की जरूरत पूरी हो सकती है। ज्वाइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स में केजी6 ब्लॉक के मौजूदा हब इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होगा।

आर क्लस्टर तीनों प्रोजेक्ट में ऑनस्ट्रीम होने वाला पहला प्रोजेक्ट

रिलायंस केजी डी-6 ब्लॉक की ऑपरेटर है और इसमें बीपी की 33.33 पर्सेंट हिस्सेदारी है। आर क्लस्टर तीनों प्रोजेक्ट में ऑनस्ट्रीम होने वाला पहला प्रोजेक्ट है। 2000 की गहराई वाला यह फील्ड एशिया का सबसे गहरा ऑफशोर गैस फील्ड है। यहां से गैस का मैक्सिमम प्रॉडक्शन 2021में 1.29 करोड़ घन मीटर रोजाना तक पहुंच सकता है।

‘बीपी पीएलसी के साथ साझीदारी पर गर्व है’

इस मौके पर रिलायंस के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, ‘बीपी के साथ अपनी साझीदारी पर हमें बहुत गर्व है। उसके साथ हमारी यह साझीदारी चुनौतीपूर्ण इलाके और हालात में तेजी से गैस प्रोजेक्ट को चालू करने की हमारी क्षमता को एकजुट करता है।’

ऊर्जा उत्पादन में दोनों कंपनियों की क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल

बीपी के चीफ एग्जिक्यूटिव बर्नाड लूनी ने कहा, ‘यह स्टार्टअप रिलायंस के साथ हमारी साझीदारी की संभावनाओं का एक और उदाहरण है। इसके जरिए भारत की तेजी से बढ़ती ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में दोनों कंपनियों की क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल हो रहा है।’



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By Raj

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