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नई दिल्ली19 दिन पहले

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कोविड-19 के कारण मार्च से 6 महीनों तक गिरावट के बाद सितंबर में वार्षिक आधार पर बिजली खपत में 4.5% की ग्रोथ दर्ज की गई थी। - Dainik Bhaskar

कोविड-19 के कारण मार्च से 6 महीनों तक गिरावट के बाद सितंबर में वार्षिक आधार पर बिजली खपत में 4.5% की ग्रोथ दर्ज की गई थी।

  • बिजली खपत में ग्रोथ से आर्थिक गतिविधियों में उछाल का संकेत मिलता है
  • दिसंबर 2019 में 101.08 बिलियन यूनिट बिजली की खपत रही थी

रिकॉर्ड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन के बाद साल के पहले दिन बिजली खपत के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। सरकारी डाटा के मुताबिक, दिसंबर 2020 में बिजली खपत में 6.1% की ग्रोथ रही है। इस अवधि में 10.7.3 बिलियन यूनिट (BU) बिजली की खपत रही है। यह डाटा बताता है कि देश में आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है। डाटा के मुताबिक, दिसंबर 2019 में 101.08 बिलियन यूनिट बिजली की खपत रही थी।

6 महीने बाद सितंबर से लगातार ग्रोथ

सरकारी डाटा के मुताबिक, कोविड-19 के कारण मार्च से बिजली खपत में गिरावट आ गई थी। 6 महीनों तक गिरावट के बाद सितंबर में वार्षिक आधार पर बिजली खपत में 4.5% की ग्रोथ दर्ज की गई थी। इसके अगले महीने यानी अक्टूबर में बिजली खपत में 11.6% की ग्रोथ रही थी। हालांकि, नवंबर में थोड़ी गिरावट के साथ 3.12% की ग्रोथ रही थी। इस महीने में 96.88 बिलियन यूनिट बिजली की खपत रही थी।

आर्थिक गतिविधियों में काफी उछाल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिसंबर में बिजली खपत में 6.1% की ग्रोथ और 182.88 गीगावाट की ऑल टाईम हाई पीक बिजली डिमांड से स्पष्ट संकेत मिलता है कि देश में आर्थिक गतिविधियों में काफी उछाल आया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले महीनों में भी बिजली की डिमांड ग्रोथ अधिक स्थिर रहेगी। 30 दिसंबर को बिजली सचिव SN सहाय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था, “आज पूरे देश में बिजली की मांग 1,82,888 मेगावाट रही है। यह अब तक सबसे ज्यादा मांग रही है। इससे पहले 30 मई 2019 को 1,82,610 मेगावाट बिजली की मांग रही थी। “

मार्च से अगस्त तक लगातार गिरावट रही थी

कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लगाया था। इससे आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के कारण बिजली की खपत भी घटने लगी थी। महामारी के कारण मार्च से अगस्त तक लगातार 6 महीने तक बिजली खपत प्रभावित रही थी। वार्षिक आधार पर बिजली खपत में मार्च में 8.7%, अप्रैल में 23.2%, मई में 14.9%, जून में 10.9%, जुलाई में 3.7% और अगस्त में 1.7% गिरावट रही थी।

20 अप्रैल के बाद होने लगा सुधार

डाटा के मुताबिक, इस साल फरवरी में बिजली खपत में 11.73% की ग्रोथ रही थी। आर्थिक गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों में छूट के कारण 20 अप्रैल से बिजली खपत में सुधार होना शुरू हो गया था।

साढ़े तीन साल में रिकॉर्ड GST कलेक्शन

आर्थिक गतिविधियों में लगातार सुधार के कारण दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू होने के बाद यह सबसे ज्यादा है। इससे पहले का रिकॉर्ड 1.14 लाख करोड़ रुपए का था, जो अप्रैल 2019 बना था। अक्टूबर 2020 में जीएसटी से 1 लाख 5 हजार 155 करोड़ रुपए और नवंबर में 1 लाख 4 हजार 963 करोड़ रुपए आए थे। वित्त मंत्रालय का कहना है कि जीएसटी चोरी और फेक बिल के खिलाफ देशभर में चलाए गए अभियान के कारण भी कलेक्शन बढ़ा है।



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By Raj

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