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नई दिल्ली12 मिनट पहले

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S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अलावा रेटिंग एजेंसी फिच और क्रिसिल ने भी भारत की GDP ग्रोथ में सुधार किया है।

  • मांग में सुधार और कोविड-19 के केसों में कमी के चलते किया बदलाव
  • वित्त वर्ष 2022 में भारत की GDP ग्रोथ 10% रहने का अनुमान

S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की GDP में ग्रोथ के अनुमान में सुधार किया है। रेटिंग एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश की GDP में 7.7% की गिरावट का अनुमान है। इससे पहले एजेंसी ने GDP में 9% की गिरावट रहने का अनुमान जताया था।

मांग बढ़ने से रहेगा सुधार

S&P ग्लोबल रेटिंग्स का कहना है कि मांग बढ़ने और कोविड-19 के मामलों में कमी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 का असर कम होने का अनुमान हुआ है। इस कारण एजेंसी ने बदलाव करते हुए रियल GDP ग्रोथ 7.7% रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी ने बयान में कहा है कि सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर रिकवरी रहने के कारण ग्रोथ के अनुमान में बदलाव किया है। अगले वित्त वर्ष के लिए एजेंसी ने भारत की GDP ग्रोथ 10% रहने का अनुमान जताया है।

तीसरी तिमाही में 7.5% की गिरावट आई थी

कोविड-19 से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) में 23.9% की गिरावट रही थी। वहीं दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर तिमाही) में 7.5% की गिरावट रही थी। एजेंसी का कहना है कि भारत कोरोनावायरस के साथ जीना सीख रहा है। यहां तक कि अभी वायरस को मात देना काफी दूर है। देश में कोरोना के केस अपने पीक लेवल से आधे से ज्यादा कम हो गए हैं। हालांकि, छुट्टियों के आगामी सीजन के कारण वायरस के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में उम्मीद से ज्यादा रिकवर

S&P ग्लोबल रेटिंग्स एशिया पेसिफिक के चीफ इकोनॉमिस्ट शॉन रॉक का कहना है कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि एशिया-पेसिफिक की अर्थव्यवस्थाओं में भारत मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में उम्मीद से ज्यादा रिकवरी कर रहा है। अक्टूबर 2020 में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 3.5% ज्यादा रहा है। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के उत्पादन में 18% की ग्रोथ रही है।

फिच-क्रिसिल ने भी किया है GDP ग्रोथ में सुधार

S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अलावा रेटिंग एजेंसी फिच और क्रिसिल ने भी भारत की GDP ग्रोथ में सुधार किया है। फिच ने अब GDP में 9.4% की गिरावट रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने 10.5% गिरावट रहने की बात कही थी। वहीं, S&P ग्लोबल रेटिंग्स की भारतीय इकाई क्रिसिल ने चालू कारोबारी साल के लिए विकास दर -7.7% रहने का अनुमान जताया है। इससे पहले एजेंसी ने GDP में 9% गिरावट की बात कही थी। एजेंसी ने सरकार की कम-खर्ची को देश के विकास के लिए बाधक भी बताया।



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By Raj

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